विज्ञान परिषद् प्रयाग
विज्ञान परिषद् प्रयाग की स्थापना 10 मार्च 1913 ई. को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुई । यह भारत में विज्ञान संचार और हिंदी वैज्ञानिक साहित्य को प्रोत्साहित करने वाली अग्रणी एवं प्रथम संस्था है । परिषद् ने विज्ञान को आमजन तक पहुँचाने, शोध कार्यों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए निरंतर कार्य किया है ।
उद्देश्य
• भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिंदी में विज्ञान साहित्य का सृजन, प्रकाशन व संचार ।
• विज्ञान शिक्षण, अनुसन्धान और लेखन को प्रोत्साहन ।
• वैज्ञानिक चिंतन और सामाजिक उपयोगिता के बीच सेतु का निर्माण ।
• युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा को बढ़ावा देना ।
प्रमुख प्रकाशन
• मुखपत्र ‘विज्ञान’– 1915 ई. से निरंतर प्रकाशित, यह हिंदी की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक मासिक पत्रिका है ।
• विज्ञान परिषद् अनुसन्धान पत्रिका– 1958 ई. से प्रकाशित त्रैमासिक शोध पत्रिका, जिसमें उच्चस्तरीय वैज्ञानिक शोध हिंदी में प्रकाशित होते हैं ।
• परिषद् द्वारा अब त क 145 से अधिक विज्ञान पुस्तकें प्रकाशित की जा चुकी हैं ।
गतिविधिया ँ
• व्याख्यानमालाएँ एवं स्मृति व्याख्यान– देश-विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों द्वारा ।
• सम्मेलन व सेमिनार– विज्ञान,प्रौद्योगिकी,कृषि,पर्यावरण और शिक्षा से जुड़े विषयों पर ।
• पुरस्कार एवं सम्मान– विज्ञान लेखन,संपादन,आविष्कार और शोध को प्रोत्साहित करने हेतु अनेक राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार एवं पदक ।
उपलब्धियाँ
• हिंदी में विज्ञान संचार को स्थापित करने में परिषद् का योगदान ऐतिहासिक है ।
• विज्ञान पत्रिका का प्रकाशन निरंतर 110 से अधिक वर्षों से हो रहा है, जो अपने आप में अद्वितीय है ।
• परिषद् के प्रयासों से विज्ञान शिक्षा और अनुसन्धान को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य हुआ है ।